
परीक्षा हॉल में बैठे हजारों छात्र दिमाग में डेरिवेटिव और इंटीग्रल्स का युद्ध लड़ रहे थे. बाहर निकलते ही एक अजीब खबर फैल गई. किसी ने मैथ्स पेपर के QR कोड को स्कैन किया… और अचानक स्क्रीन पर खुल गया 1987 का पॉप गाना।
स्टूडेंट्स हैरान थे, सोशल मीडिया ठहाकों से गूंज उठा और सवाल सीधा था: क्या CBSE का पेपर भी अब ‘रिकरोल’ हो गया?
परीक्षा के बाद उठा अजीब सवाल
देशभर में आयोजित Central Board of Secondary Education की क्लास 12 मैथ्स परीक्षा खत्म होते ही कुछ छात्रों ने प्रश्नपत्र के QR कोड को स्कैन किया।
लेकिन उम्मीद के मुताबिक कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं खुली। कई मामलों में सीधे YouTube वीडियो खुलने लगे। और वह वीडियो था 1987 का मशहूर गाना।
जब QR कोड ने खोल दिया पॉप म्यूजिक
स्कैन करने पर खुलने वाला गाना था Rick Astley का सुपरहिट ट्रैक Never Gonna Give You Up इंटरनेट की भाषा में इसे “Rickroll” कहा जाता है, जहां किसी लिंक के पीछे मजाक के तौर पर यही गाना छिपा होता है।
लेकिन बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र में ऐसा होना कई छात्रों के लिए हैरानी और मनोरंजन दोनों का कारण बन गया।
सोशल मीडिया पर मीम्स का विस्फोट
जैसे ही यह मामला सामने आया, प्लेटफॉर्म्स जैसे X, Instagram और Reddit पर मीम्स की बाढ़ आ गई।
एक यूजर ने लिखा
“भाई ने फेल होने का सबसे क्रिएटिव तरीका खोज लिया।”
दूसरे ने मजाक किया
“अब टीचर कॉपी चेक करते समय भी यही गाना गुनगुनाएगा।”

बोर्ड की सफाई: सुरक्षा में कोई चूक नहीं
विवाद बढ़ने के बाद CBSE ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी की। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र 100% असली हैं और परीक्षा की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई।
बोर्ड के अनुसार QR कोड में वास्तव में ट्रैकिंग डेटा होता है जिसमें विषय, परीक्षा तारीख, सेट नंबर और प्रिंटिंग बैच जैसी जानकारी छिपी रहती है।
पेपर लीक रोकने के लिए बनाया गया था सिस्टम
CBSE ने यह भी याद दिलाया कि 2018 में गणित और अर्थशास्त्र पेपर लीक विवाद के बाद यह तकनीक शुरू की गई थी। 2019 से प्रश्नपत्रों में QR कोड जोड़ा गया ताकि किसी भी लीक या गड़बड़ी की स्थिति में स्रोत का पता लगाया जा सके।
यानी QR कोड सुरक्षा का उपकरण है, मनोरंजन का नहीं।
फिर YouTube लिंक कैसे खुल गया
बोर्ड ने माना कि कुछ सेट में QR कोड स्कैन करने पर YouTube वीडियो खुलने की घटना सामने आई। हालांकि बोर्ड का कहना है कि इससे परीक्षा की प्रामाणिकता या निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ा। फिलहाल इस तकनीकी गड़बड़ी की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी स्थिति न हो इसके लिए कदम उठाए जाएंगे।
परीक्षा से ज्यादा चर्चा बन गया QR कोड
इस पूरे प्रकरण ने एक दिलचस्प तस्वीर पेश की। एक तरफ छात्र मैथ्स के कठिन सवालों से जूझ रहे थे। दूसरी तरफ इंटरनेट पर चर्चा यह थी कि बोर्ड परीक्षा का QR कोड भी आखिरकार मेम कल्चर का हिस्सा बन गया।
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